फ़िशिंग एक तरह का ऑनलाइन धोखा (fraud) है। इसमें हैकर नकली ईमेल, SMS, या फेक वेबसाइट बनाकर यूज़र से पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स, OTP या निजी जानकारी चुरा लेते हैं।
📌 फ़िशिंग के उदाहरण (2025)
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फेक बैंक ईमेल: “आपका अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, तुरंत वेरिफाई करें” → नकली बैंक पेज।
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WhatsApp OTP स्कैम: हैकर आपका WhatsApp अकाउंट हाइजैक करने के लिए OTP मांगते हैं।
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कूरियर डिलीवरी मैसेज: “आपका पैकेज रुका है, छोटा सा चार्ज पे करें” → फेक लिंक।
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सोशल मीडिया लॉगिन: नकली Facebook/Instagram लॉगिन पेज से पासवर्ड चोरी।
🛡️ फ़िशिंग से बचाव के तरीके (2025)
✅ हमेशा वेबसाइट का URL (https://) चेक करें।
✅ अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें।
✅ ईमेल/मैसेज भेजने वाले को ध्यान से देखें।
✅ 2FA (Two-Factor Authentication) ज़रूर ऑन करें।
✅ एंटीवायरस और Anti-Phishing टूल्स का इस्तेमाल करें।
✅ कभी भी अपना OTP या पासवर्ड किसी को न दें।
🔮 2025 में नए फ़िशिंग ट्रेंड्स
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AI-generated ईमेल: बिल्कुल असली जैसे लिखे जाते हैं।
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वॉयस फ़िशिंग (Vishing): फेक कॉल्स “बैंक/UPI सपोर्ट” बनकर।
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QR Code फ़िशिंग: नकली QR स्कैन से डाटा चोरी।
🎯 निष्कर्ष
फ़िशिंग इंटरनेट पर सबसे खतरनाक साइबर अपराधों में से एक है। अगर आप सावधान और जागरूक रहेंगे तो 90% फ़िशिंग स्कैम से बच सकते हैं।
👉 याद रखिए: “सोचें, फिर क्लिक करें!”
