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भारत पर साइबर हमला: Transparent Tribe का नया DeskRAT Malware कैसे सरकारी सिस्टम को निशाना बना रहा है

यह हमला एक नए Golang आधारित मालवेयर “DeskRAT” के जरिए किया गया है, जो खास तौर पर भारत के सरकारी Linux सिस्टम (BOSS OS) को टारगेट कर रहा है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि यह अटैक कैसे हुआ, इसका मकसद क्या था, और भारत को इससे क्या सीख लेनी चाहिए। 🇵🇰 Transparent Tribe (APT36) कौन है? Transparent Tribe, जिसे APT36 के नाम से भी जाना जाता है, एक Pakistan-nexus State Sponsored Threat Actor है। यह ग्रुप साल 2013 से सक्रिय है और भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नेटवर्क्स को बार-बार निशाना बनाता रहा है। इस ग्रुप की खासियत है — फिशिंग ईमेल (Phishing Emails) भेजकर यूज़र को धोखा देना। असली लगने वाले डॉक्यूमेंट्स या PDF फाइलों में मालवेयर छिपाना। भारत से जुड़ी थीम जैसे "रक्षा नीति", "सेना से जुड़ी फाइलें" या "सरकारी निर्देश" का इस्तेमाल। APT36 का उद्देश्य सिर्फ जानकारी चुराना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निगरानी (Long-Term Espionage) करना है — यानी संक्रमित सिस्टम से लगातार डेटा इकट्ठा करना।  DeskRAT क्या है और कैसे काम करता है? ...

TP-Link ने ओमाडा गेटवे की चार खामियों को दूर किया, दो रिमोट कोड निष्पादन की अनुमति देते हैं

आज की डिजिटल दुनिया में   नेटवर्क सुरक्षा (Network Security)   हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुकी है।   हर घर , हर ऑफिस , हर संस्था किसी न किसी रूप में Wi-Fi routers और gateways पर निर्भर है।   लेकिन सोचिए — अगर आपके नेटवर्क की सुरक्षा दीवार में ही छेद हो जाए तो ?  इसी चिंता का कारण बनी है हाल ही में सामने आई एक बड़ी खबर — TP-Link   के   Omada Gateway Devices   में कई गंभीर सुरक्षा कमजोरियाँ (Vulnerabilities) पाई गई हैं , जिनके ज़रिए हैकर्स आसानी से आपके नेटवर्क पर कब्ज़ा कर सकते हैं।  क्या हुआ है TP-Link के साथ? TP-Link ने हाल ही में एक official security advisory जारी की है, जिसमें उन्होंने चार बड़ी vulnerabilities को स्वीकार किया है। इनमें से दो flaws critical (अत्यधिक गंभीर) श्रेणी में आती हैं, जो सीधे तौर पर remote code execution की अनुमति देती हैं — यानि कोई भी attacker बिना आपकी जानकारी के आपके नेटवर्क पर commands चला सकता है।  Vulnerabilities की जानकारी (CVE Details) इन कमजोरियों को CVE IDs के साथ सूचीबद्ध किया गया ...

Data Privacy & Protection –अपने डिजिटल जीवन की सुरक्षा के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

  हम एक ऐसे डिजिटल युग में रह रहे हैं जहाँ डेटा ही नई मुद्रा (Data is the new currency) बन चुका है। हर दिन हम अपने मोबाइल, लैपटॉप, बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर अनगिनत बार अपनी personal information साझा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह डेटा कहाँ जाता है, कौन इसे एक्सेस कर सकता है, और इसका क्या उपयोग (या दुरुपयोग) होता है? Data Privacy & Protection का अर्थ है — अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति या संस्था उसका दुरुपयोग न कर सके। यह सिर्फ सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी डिजिटल पहचान (Digital Identity) की रक्षा से जुड़ा विषय है।  Understanding Data Privacy — What It Really Means  What is Data Privacy? Data Privacy उस नियंत्रण को दर्शाता है जो हमें अपने डेटा पर होता है — यानी कौन देख सकता है, कैसे उपयोग कर सकता है और कितनी देर तक रख सकता है। Examples of personal data: नाम, पता, मोबाइल नंबर बैंक या क्रेडिट कार्ड डिटेल्स Location data Browsing history Medical records Social media activities ...

Free Cybersecurity Tools (2025)

                                                                  आज के दौर में जहाँ हर छोटी-बड़ी जानकारी ऑनलाइन स्टोर होती है, Cybersecurity सिर्फ़ IT professionals के लिए नहीं बल्कि हर इंटरनेट यूज़र के लिए आवश्यक हो गई है। हमारे फ़ोन, लैपटॉप, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग ऐप — सब किसी न किसी नेटवर्क से जुड़े हैं। लेकिन, जितना यह डिजिटल संसार सुविधाजनक है, उतना ही यह साइबर खतरों (Cyber Threats) से भरा हुआ भी है। ऐसे में, Free Cybersecurity Tools हमारे लिए एक वरदान की तरह हैं — जो बिना पैसे खर्च किए हमारे सिस्टम, नेटवर्क और डेटा की सुरक्षा कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि कौन-कौन से powerful free tools आपकी digital life को बचा सकते हैं।  Cybersecurity Tools क्या होते हैं? Cybersecurity Tools ऐसे सॉफ़्टवेयर या एप्लिकेशन होते हैं जो सिस्टम, नेटवर्क और डेटा को वायरस, मैलवेयर, फ़िशिंग, DDoS, हैकिंग और अन्य खतर...

Ethical Hacking — Step-by-Step (Hindi)

  क्यों Ethical Hacking ज़रूरी है? आज के डिजिटल युग में साइबर हमले न केवल टेक्निकल तक सीमित हैं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए हैं। कंपनियाँ, सरकारी संस्थाएँ और व्यक्तिगत उपयोगकर्ता सभी निशाने पर हैं। इसलिए Hackers से सुरक्षा पाने के लिए हमें उन्हीं की भाषा समझनी होगी — परंतु नैतिक तरीके से। यही है Ethical Hacking : सिस्टम की कमज़ोरियाँ पहचानना ताकि उन्हें सही तरीक़े से ठीक किया जा सके। Ethical Hacker का उद्देश्य रक्षा बढ़ाना, रिस्क कम करना और सिस्टम को सुरक्षित बनाना है — वह बुरा नहीं करता, बल्कि बुराइयों को खोजकर रिपोर्ट करता है। Ethical Hacking क्या है  Ethical Hacking (जिसे penetration testing या white-hat hacking भी कहा जाता है) वह प्रक्रिया है जिसमें किसी सिस्टम, नेटवर्क या एप्लिकेशन की सुरक्षा का परीक्षण वैध अनुमति के साथ किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य है: Vulnerabilities खोजना (पर exploit करने के बदले) Risk का मापन करना सुरक्षा सुधार के उपाय सुझाना Responsible disclosure के जरिए patches और remediation कराना यहाँ महत्व...